नैनीताल। उत्तराखंड ग्राम्य विकास समिति (UGVS) के तत्वावधान में भीमताल स्थित माँ नैना देवी कृषक उत्पादक संघ (FPO) के कार्यालय में किसानों, स्वयं सहायता समूहों (SHG) और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में एफपीओ के माध्यम से स्थानीय कृषि एवं मूल्य संवर्धित उत्पादों को बेहतर और स्थायी बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
बैठक में UGVS के एमसीएफ (MCF) टीम से लाइवलीहुड मैनेजर अभय तिवारी एवं सीनियर एनालिस्ट अनिमेष श्रीवास्तव, जिला परियोजना प्रबंधन इकाई (DPMU) की टीम, FPO अध्यक्षा कृष्णा चंदोला तथा विकासखंड भीमताल, बेतालघाट, रामगढ़ और धारी के आजीविका समन्वयक एवं सीएलएफ (CLF) के बिजनेस प्रमोटर्स मौजूद रहे।
कृषि उत्पादों के लिए स्थायी बाजार पर चर्चा
बैठक का मुख्य उद्देश्य सीएलएफ और स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित कृषि एवं मूल्य संवर्धित उत्पादों के लिए बेहतर एवं स्थायी बाजार उपलब्ध कराना रहा। इस दौरान किसानों और महिला समूहों की आय बढ़ाने तथा FPO को ग्रामीण उद्यम विकास का प्रभावी मंच बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में FPO, CLF और बिजनेस प्रमोटर्स की भूमिका को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। प्रतिभागियों को व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों के संग्रहण, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
अधिक से अधिक किसानों और SHG को FPO से जोड़ने पर जोर
बैठक में किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को FPO से जोड़ने तथा उनके उत्पादों की गुणवत्ता और प्रभावी मार्केटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि भविष्य में सभी CLF अपनी अधिकतम व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन माँ नैना देवी कृषक उत्पादक संघ (FPO) के माध्यम से करेंगे। इससे स्थानीय उत्पादों का सामूहिक संग्रहण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।
इसके साथ ही सभी आजीविका समन्वयकों और बिजनेस प्रमोटर्स को अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक किसानों एवं स्वयं सहायता समूहों को FPO से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
FPO ने दिया सहयोग का भरोसा
बैठक के अंत में FPO अध्यक्षा कृष्णा चंदोला ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माँ नैना देवी कृषक उत्पादक संघ सभी CLF और महिला समूहों को उनके उत्पादों के लिए बाजार एवं बेहतर विपणन व्यवस्था उपलब्ध कराने में हरसंभव सहयोग करेगा।
बैठक को ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और महिला समूहों की आय बढ़ाने, स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने और ग्रामीण उद्यमिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




